फरीदाबाद: (ANURAG SHARMA) राजधानी दिल्ली में आयोजित कांग्रेस के बड़े विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने जा रहे फरीदाबाद के युवा कांग्रेसी नेता और प्रदेश प्रवक्ता नितिन सिंगला को फरीदाबाद पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद ओल्ड फरीदाबाद थाना परिसर छावनी में तब्दील हो गया है और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने थाने के भीतर ही बैठकर जोरदार हंगामा और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
दफ्तर पर पहुंची भारी पुलिस, नोकझोंक के बाद हिरासत
जानकारी के अनुसार, ओल्ड फरीदाबाद में स्थित वरिष्ठ कांग्रेसी नेता लखन सिंगला के कार्यालय पर सुबह से ही भारी संख्या में पुलिस बल और क्राइम ब्रांच की टीमें तैनात थीं। नितिन सिंगला अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने के लिए कूच करने की तैयारी में थे। पुलिस ने उन्हें कानून-व्यवस्था और पाबंदियों का हवाला देते हुए दिल्ली जाने से रोकने की कोशिश की। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। कार्यकर्ताओं के भारी विरोध के बावजूद पुलिस पीछे नहीं हटी और आखिरकार नितिन सिंगला व उनके प्रमुख साथियों को गाड़ी मे बैठाकर ओल्ड थाने ले आई।
थाने के अंदर ही धरने पर बैठे कांग्रेसी, सरकार विरोधी नारेबाजी
नितिन सिंगला को हिरासत में लिए जाने की खबर फैलते ही फरीदाबाद कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में समर्थक ओल्ड थाने पहुंच गए और पुलिस कार्रवाई के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने थाने के अंदर ही जमीन पर बैठकर धरना शुरू कर दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने हरियाणा सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और इस कार्रवाई को लोकतंत्र की हत्या करार दिया।
“संवैधानिक अधिकारों का हनन कर रही सरकार” – कांग्रेस
हिरासत में लिए जाने के दौरान नितिन सिंगला और अन्य कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वे पूरी तरह से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक ढंग से अपनी आवाज उठाने दिल्ली जा रहे थे। विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए पुलिस बल का दुरुपयोग किया जा रहा है। नेताओं का कहना है कि सरकार चाहे जितने भी दमनकारी कदम उठा ले, वे जनता के मुद्दों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं
पुलिस का रुख
वहीं मामले को लेकर पुलिस प्रशासन का कहना है कि दिल्ली सीमा और राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए एहतियातन यह कदम उठाया गया है। कानून-व्यवस्था को बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए नेताओं को डिटेन किया गया है। फिलहाल थाने में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और भारी पुलिस बल तैनात है।



