पीएम मोदी के नेतृत्व में विश्व में भारत की विदेश नीति की धाक है : सुरेन्द्र नागर

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अटल जी के परमाणु परीक्षण के साहसिक निर्णय ने भारत को वैश्विक मंच पर सशक्त राष्ट्र के रूप में स्थापित किया : नागर

फरीदाबाद में अटल स्मृति कार्यक्रम का भव्य आयोजन, सुशासन, राष्ट्र निर्माण और राजनीतिक शुचिता के प्रतीक अटल जी को किया गया नमन

फरीदाबाद 28 दिसंबर।(ANURAG SHARMA) भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश सह-प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद सुरेंद्र सिंह नागर ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी राजनीति में शालीनता, संवाद और सहमति की संस्कृति के प्रतीक थे। पोखरण परमाणु परीक्षण का साहसिक निर्णय लेकर अटल जी ने भारत को वैश्विक मंच पर एक सशक्त राष्ट्र के रूप में स्थापित किया। अंतरराष्ट्रीय दबावों के बावजूद उन्होंने राष्ट्रहित में यह ऐतिहासिक निर्णय लिया, जिसका परिणाम आज भारत की मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और प्रभावी विदेश नीति के रूप में सामने है। श्री नागर रविवार को फरीदाबाद के सेक्टर-12 स्थित एचएसीवीपी कन्वेंशन सेंटर में अटल स्मृति कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन फरीदाबाद के विधायक एवं कैबिनेट मंत्री के संयोजन में किया गया, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष पंकज पूजन रामपाल ने की।

भाजपा प्रदेश सह प्रभारी सुरेंद्र सिंह नागर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अटल जी ने कभी भी शक्ति का दुरुपयोग नहीं किया, बल्कि उसे शांति, विकास और ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए उपयोग करने की दिशा दी। देश की सुरक्षा के क्षेत्र में अटल जी की भूमिका अविस्मरणीय है। उन्होंने कहा कि अटल जी के उसी निर्णय का परिणाम है कि आज भारत परमाणु संपन्न राष्ट्र है और विकासशील से विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर है।

श्री नागर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत जिस मजबूत विदेश नीति के साथ विश्व पटल पर अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज करा रहा है, उसकी नींव अटल जी ने ही रखी थी। आज देश में जिस मजबूत सड़क नेटवर्क, राष्ट्रीय राजमार्गों और हाईवे पर हम सहजता से यात्रा कर रहे हैं, उसकी परिकल्पना और नींव अटल बिहारी वाजपेयी ने ही रखी थी। स्वर्णिम चतुर्भुज (गोल्डन क्वाड्रिलैटरल) परियोजना अटल जी की दूरदर्शी सोच का परिणाम है। कावेरी जल विवाद जैसे जटिल और संवेदनशील मुद्दे का समाधान निकालने का कार्य भी अटल जी ने किया।  श्री नागर ने कहा कि गांवों को शहरों से जोड़ने और देश को विकास के मार्ग पर आगे बढ़ाने की दीर्घकालिक सोच अटल बिहारी वाजपेयी की ही थी।

सुरेन्द्र नागर ने आगे कहा कि अटल जी बहुत ही प्रभावशाली वक्ता थे। उन्होंने एक प्रसंग साझा करते हुए कहा कि कांग्रेस शासन के समय भी पक्ष और विपक्ष के सभी नेता अटल जी को सुनने अवश्य आते थे। वे ऐसे नेता थे जिन्हें पूरा सदन सम्मान के साथ सुनता था। अंत में उन्होंने अटल जी के शब्दों को स्मरण करते हुए कहा कि “छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता और टूटे मन से कोई खड़ा नहीं होता।” इसी सीख को लेकर हम सब अटल जी के दिखाए मार्ग पर आगे बढ़ने का संकल्प लें।

कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि स्व. अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन, संवेदनशीलता और राष्ट्रहित की राजनीति के पर्याय थे। अटल जी ने देश को यह सिखाया कि शासन केवल सत्ता चलाने का माध्यम नहीं है, बल्कि शासन का उद्देश्य समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुँचाना होना चाहिए। यही सुशासन की सच्ची परिभाषा है।

श्री गोयल ने कहा कि अटल जी द्वारा शुरू किए गए सुशासन के इसी विचार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 के बाद और अधिक मजबूती से आगे बढ़ाया। 25 दिसंबर को अटल जी की जयंती को सुशासन दिवस के रूप में मनाने का निर्णय इसी सोच का प्रतीक है। आज पूरा देश 25 दिसंबर को सुशासन दिवस के रूप में मनाता है और अटल जी के विचारों को स्मरण करता है।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत करोड़ों शौचालयों का निर्माण, उज्ज्वला योजना के माध्यम से करोड़ों महिलाओं को गैस कनेक्शन, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 80 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराना, ये सभी सुशासन के जीवंत उदाहरण हैं। उन्होंने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई और योजनाओं का 100 प्रतिशत लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुँचा।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार के कार्यों पर प्रकाश डालते हुए श्री गोयल ने कहा कि किसानों को एक क्लिक पर फसल मुआवजा, 24 फसलों की डैच् पर खरीद और पारदर्शी प्रशासन हरियाणा में सुशासन की पहचान बन चुके हैं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए भाजपा जिला अध्यक्ष श्री पंकज पूजन रामपाल ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी का जीवन हम सभी कार्यकर्ताओं और नेताओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि अटल जी ने यह सिद्ध किया कि राजनीति में रहते हुए भी शुचिता, नैतिकता और विनम्रता को बनाए रखा जा सकता है। उनका आचरण, विचार और भाषा आज के समय में राजनीति के लिए मार्गदर्शक हैं।

श्री पंकज पूजन रामपाल ने कहा कि अटल जी विपक्ष का भी सम्मान करते थे और उनके विचारों में कभी कटुता नहीं होती थी। उन्होंने कहा कि यदि हम सभी अटल जी के विचारों को अपने जीवन और राजनीतिक कार्यशैली में आत्मसात कर लें, तो देश और समाज स्वतः ही प्रगति के पथ पर अग्रसर होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे अटल जी के बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लें और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाएँ। श्री पंकज रामपाल ने अटल जी कि कई कवितायेँ सुनते हुए उनके वक्तव्य और उनके विचारों को रखा ।  कार्यक्रम का समापन भारत माता की जय के नारों के साथ हुआ। आयोजन में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और आम नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को  खाद्य  मंत्री राजेश नागर, फरीदाबाद की महापौर प्रवीण बत्रा जोशी और जिला प्रभारी नरेंद्र वत्स ने भी संबोधित किया ।

इस अवसर पर खाद्य मंत्री राजेश नागर जिला अध्यक्ष पंकज पूजन रामपाल, जिला प्रभारी नरेन्द्र वत्स, महापौर प्रवीण बत्रा जोशी, पूर्व मंत्री सीमा त्रिखा, अटल स्मृती वर्ष कार्यक्रम के  प्रदेश सह संयोजक पूर्व विधायक जगदीश नायर, संदीप जोशी, पूर्व विधायक टेकचंद शर्मा, जिला संयोजक ओम प्रकश रक्षवाल, नीरा तोमर, जिला महामंत्री चौधरी प्रवीण गर्ग, शोभित अरोड़ा, सचिन ठाकुर, मनीष राघव, सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता, जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

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