फरीदाबाद : 20 जनवरी। जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद द्वारा शिक्षा स्वास्थ्य न्यास, नई दिल्ली के सहयोग से ‘स्वस्थ महिला – स्वस्थ राष्ट्र’ शीर्षक से एक प्रभावशाली जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।
विश्वविद्यालय के महिला प्रकोष्ठ तथा गर्ल्स हॉस्टल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य युवा छात्राओं को शारीरिक, प्रजनन एवं समग्र स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी प्रदान करके सशक्त बनाना था, साथ ही यह संदेश देना कि महिला का स्वास्थ्य राष्ट्र की प्रगति का आधार है।
कार्यशाला के मुख्य अतिथि डॉ. अतुल कोठारी, राष्ट्रीय सचिव, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास ने प्रेरणादायक संबोधन दिया। उन्होंने महिलाओं के स्वास्थ्य की सर्वोपरि महत्वपूर्णता पर बल देते हुए परिवारों से किशोरावस्था एवं टीनएज से जुड़े मुद्दों पर खुलकर एवं सहानुभूतिपूर्ण संवाद करने की अपील की, ताकि स्वस्थ एवं मजबूत समाज का निर्माण हो सके।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार ने सभी का स्वागत किया तथा संस्थान द्वारा छात्र-केंद्रित विभिन्न पहलों के बारे में जानकारी साझा की, जिनमें लिंग समानता, स्वास्थ्य एवं समग्र विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है।
डॉ. रुचि वोहरा, मेट्रो हॉस्पिटल, फरीदाबाद की प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ ने एक अत्यंत जानकारीपूर्ण एवं आकर्षक सत्र संचालित किया। उन्होंने महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने सत्र में आम मिथकों को दूर किया तथा सक्रिय स्वास्थ्य व्यवहार को प्रोत्साहित किया।
कार्यशाला का सुचारु संचालन महिला सेल की अध्यक्ष प्रो. संध्या दीक्षित, तथा डॉ. काकोली दत्त, गर्ल्स हॉस्टल की मुख्य वार्डन द्वारा किया गया। डॉ. सोनम खेरा, डॉ. नीतू गुप्ता एवं सभी हॉस्टल वार्डनों के सहयोग से कार्यक्रम पूर्णतः सफल एवं उत्साहपूर्ण रहा।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के रूप में उपस्थित रहीं श्रीमती अंजू गोयल, राष्ट्रीय समन्वयक, महिला स्वास्थ्य, शिक्षा स्वास्थ्य न्यास; श्री सुरेश गुप्ता, कोषाध्यक्ष, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास; तथा श्रीमती नीता त्रिपाठी।
यह सत्र छात्राओं पर गहरा प्रभाव छोड़ गया, जिससे वे अधिक जागरूक, आत्मविश्वासी एवं प्रेरित हुईं। कार्यशाला ने इस शाश्वत सत्य को पुनः स्थापित किया कि स्वस्थ महिला ही स्वस्थ परिवार एवं स्वस्थ राष्ट्र की नींव है।



