पूर्व मुख्यमंत्री ने किया कांग्रेसी नेता लखन सिंगला के नवनिर्मित कार्यालय का उद्घाटन
Faridabad : हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष चौ. भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने ‘मनरेगा’ स्कीम को लेकर कहा कि भाजपा सरकार ने इस स्कीम का नाम ही नहीं बदला है बल्कि इसे बंद करना चाहती है। हरियाणा में इस स्कीम के आठ लाख रजिस्टर्ड मजदूर है और एक साल में केवल 2100 मजदूरों को सौ दिन का रोजगार दिया गया है, जहां सरकारें इस स्कीम के तहत रोजगार नहीं दे पाती, वहां मजदूरों का कंपोसेशन देना पड़ता है, लेकिन पांच साल में भाजपा सरकार ने एक मजदूर को भी कंपोसेशन नहीं दिया, इससे साबित होता है कि भाजपा सरकार पूरी तरह से मजदूर विरोधी सरकार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस स्कीम से सीधा सीधा नुकसान पिछड़े वर्गाे का होगा, क्योंकि 90 प्रतिशत मजदूर इस वर्ग के मनरेगा से जुड़े है। श्री हुड्डा शनिवार को हरियाणा कांग्रेस व्यापार सैल के चेयरमैन एवं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता लखन कुमार सिंगला के ओल्ड फरीदाबाद स्थित कार्यालय पर जलपान समारोह में शिरकत करने के उपरांत पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उनके साथ मुख्य रुप विधायक रघुबीर सिंह तेवतिया, पूर्व विधायक नीरज शर्मा, तिगांव से पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी रोहित नागर, योगेश गौड़, अब्दुल गफ्फार कुरैशी, सुमित गौड़, गुलशन बगगा, शालिनी मल्होत्रा, संजय सोलंकी, हेम डागर, मनधीर सिंह मान आदि मौजूद रहे। इससे पूर्व कार्यालय पहुंचने पर लखन कुमार सिंगला ने पूर्व मुख्यमंत्री का फूलों का बुक्के भेंट कर एवं स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि जिस प्रकार से भाजपा सरकार ने तीन काले कृषि कानून जनता पर थोपे थे और पूरे देश का किसान एकजुट हो गया था, जिसके चलते सरकार को अपने काले कानून वापिस लेने पड़े, ठीक उसी प्रकार मनरेगा स्कीम को बचाने के लिए आज पूरे देश का मजदूर एकजुट होकर खड़ा है और कांग्रेस पार्टी इस जनविरोधी फैसले को वापिस करवाने के लिए हर स्तर पर उनकी आवाज बुलंद करेगी। श्री हुड्डा ने लखन कुमार सिंगला को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा मनरेगा बचाओ संग्राम का हरियाणा कार्डिनेटर नियुक्त करने पर उन्हें बधाई देते हुए कहा कि लखन सिंगला मेहनती और कर्मठ नेता है, जो अब पूरे हरियाणा में जा-जाकर लोगों को मनरेगा के प्रति जागरुक करेंगे और भाजपा का असली चेहरा जनता के समक्ष उजागर करेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है, यह सरकार केवल कागजों में विकास की बातें करती है, जबकि धरातल पर विकास दूर-दूर तक नजर नहीं आता। उन्होंने लाडो लक्ष्मी योजना का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा जब यह योजना लाई, तब उन्होंने कहा कि वह सभी महिलाओं को हर माह 2100 रुपए देंगे, उसके बाद फिर बीपीएल कार्ड धारक महिलाओं को ही इसका लाभार्थी बनाने की बात रखी, इस हिसाब से प्रदेश में दो करोड़ 13 लाख बीपीएल कार्ड धारक है यानी 85 लाख महिलाओं को इसका लाभ मिलना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा और भाजपा सरकार ने अब घोषणा की है कि वह 1100 रुपए देंगे और एक हजार रुपए की एफडी कराएगी, इस तरह नए-नए नियम लगाते हुए सरकार इस योजना को भी जल्द ही बंद कर देगी। एसवाईएल को लेकर हो रही बैठकों पर तंज कसते हुए श्री हुड्डा ने कहा कि जब देश के उच्चतम न्यायालय ने फैसला सेना दिया है कि यह जिम्मेदारी केंद्र और राज्य सरकारों की है तो फिर ये किस बात को लेकर बैठकें कर रहे है। उन्होंने कहा कि 2002 में फैसला आ गया था पंजाब सरकार ने इसे एपोग्रेट कर दिया था, तीन प्रदेशों और प्रधानमंत्री के दस्तखत थे वो ही मान्य होगा। श्री हुड्डा ने कहा कि उन्होंने स्वयं असेम्बली में यह मामला उठाया था और 2016 में जब मनोहर लाल खट्टर मुख्यमंत्री थे तो उन्होंने सर्वदलीय बैठक बुलाई थी और राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से मिलकर इसमें संशोधन करवाने की बात हुई थी, राष्ट्रपति से तो वह मिल लिए थे, लेकिन आज तक प्रधानमंत्री जी से नहीं मिले। तब राजनाथ सिंह गृहमंत्री थे, उनसे मुलाकात हुई थी, उस दौरान वकील और एटार्नी जनरल भी थे, सभी ने कहा था कि अगर कोर्ट का फैसला नहीं माना जा रहा तो कंटेप्ट टू कोर्ट डालो। इस मौके पर डालचंद डागर, नीरज गुप्ता, अमर सिंह मलिक, गुलाब सिंह गुड्डू, बंटी चौधरी, नितिन सिंगला, राजाराम ठाकुर, खुशबू खान, रचना भसीन, शालिनी मल्हौत्रा, हरिलाल गुप्ता, भूषण कुमार, विरेंद्र वशिष्ठ, अमर सिंह तेवतिया, दीपक मलिक, सूरज ढेडा, अजब सिंह नागर, नेत्रपाल एडवोकेट, प्रमोद धनखड़, पंकज ठाकुर, सोनू नागर, सहित सैकड़ों कांग्रेसी कार्यकर्तागण मौजूद थे।



