मिलावटी मिठाइयों से बढ़ रही पेट की गंभीर समस्याएं : डॉ आरसी सोनी

Date:

त्योहारी मौसम और खास मौकों पर मिठाइयों की खपत तेजी से बढ़ जाती है, लेकिन इसी के साथ मिलावट का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है। ग्रेटर फरीदाबाद सेक्टर 86 स्थित एकॉर्ड अस्पताल के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के विशेषज्ञ डॉ. सोनी के अनुसार मिलावटी मिठाइयों का सेवन पेट से जुड़ी गंभीर बीमारियों का कारण बन रहा है। अस्पताल में हाल के दिनों में फूड पॉयजनिंग, पेट दर्द, उल्टी-दस्त, एसिडिटी और आंतों में संक्रमण के मरीजों की संख्या बढ़ी है, जिनमें बड़ी वजह मिलावटी मिठाइयां पाई गई हैं।
डॉ. सोनी बताते हैं कि मिठाइयों में रंग चमकाने के लिए सिंथेटिक कलर, मिठास बढ़ाने के लिए सैकरिन, खोया और दूध की जगह रिफाइंड फैट, डिटर्जेंट या केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है। ये रसायन सीधे पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचाते हैं। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से पेट की बीमारी से जूझ रहे लोगों में इसका असर ज्यादा गंभीर हो सकता है। कई मामलों में डिहाइड्रेशन, आंतों में सूजन और लीवर पर भी असर देखा गया है।
मिलावटी मिठाइयों की पहचान आसान नहीं होती, लेकिन कुछ सावधानियां बरतकर खतरे को कम किया जा सकता है। बहुत ज्यादा चमकदार रंग, असामान्य खुशबू या लंबे समय तक खराब न होने वाली मिठाइयों से बचना चाहिए। हमेशा भरोसेमंद और लाइसेंस प्राप्त दुकानों से ही मिठाई खरीदें और अत्यधिक मात्रा में सेवन न करें। घर में बनी मिठाइयां अपेक्षाकृत सुरक्षित विकल्प मानी जाती हैं।
डॉ. सोनी ने सलाह दी कि अगर मिठाई खाने के बाद पेट दर्द, उल्टी, दस्त या जलन जैसी शिकायत हो तो लापरवाही न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर इलाज से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है। उन्होंने प्रशासन से भी अपील की कि खाद्य पदार्थों की नियमित जांच और मिलावट पर सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि लोगों की सेहत सुरक्षित रह सके।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_img

Popular

More like this
Related

एकॉर्ड अस्पताल में 7000 सफल हार्ट प्रोसीजर परकेक काटकर मनाई खुशियां

एकॉर्ड अस्पताल में 7000 सफल हार्ट प्रोसीजर परकेक काटकर...