जे. सी. बोस विश्वविद्यालय में ट्रांसमीडिया स्टोरीटेलिंग पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन

Date:

सम्मेलन की तैयारी में जुटा विश्वविद्यालय का साहित्य एवं भाषा विभाग

27 जनवरी तक शोध पत्र आमंत्रित किए गए, 18 एवं 19 फरवरी को होगा आयोजन

फरीदाबाद: 5 जनवरी। जे. सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय,वाईएमसीए में 18 एवं 19 फरवरी 2026 को ‘ट्रांसमीडिया स्टोरीटेलिंग: नैरेटिव, डिस्कोर्स और डिसेमिनेशन’ विषय पर दो-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। यह सम्मेलन विश्वविद्यालय के साहित्य एवं भाषा विभाग, फैकल्टी ऑफ लिबरल आर्ट्स एंड मीडिया स्टडीज़ द्वारा हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन एवं ऑफलाइन) में आयोजित होगा।

साहित्य एवं भाषा विभाग की अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) दिव्य ज्योति सिंह ने बताया कि यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन साहित्य, भाषा, मीडिया, संचार, डिजिटल स्टडीज़, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स, एनीमेशन, कॉर्पोरेट नैरेटिव, शेक्सपियर स्टडीज़, सतत विकास लक्ष्य तथा भारतीय ज्ञान प्रणाली जैसे विविध और समकालीन क्षेत्रों के विद्वानों, शोधार्थियों, शिक्षकों एवं उद्योग विशेषज्ञों को एक साझा वैश्विक मंच प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि ट्रांसमीडिया स्टोरीटेलिंग के माध्यम से ज्ञान, संस्कृति और तकनीक के आपसी संबंधों को नए संदर्भों में समझने और प्रस्तुत करने की दिशा में यह सम्मेलन एक महत्वपूर्ण अकादमिक पहल है।

विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजीव कुमार ने कहा कि “इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन विश्वविद्यालयों को वैश्विक अकादमिक विमर्श से जोड़ते हैं और अंतर्विषयक शोध, रचनात्मक सोच तथा ज्ञान के व्यापक उपयोग को प्रोत्साहित करते हैं। ट्रांसमीडिया स्टोरीटेलिंग जैसे विषय शिक्षा, मीडिया और संचार के क्षेत्र में नई संभावनाएं उत्पन्न करते हैं और छात्रों व शोधार्थियों को समकालीन वैश्विक दृष्टिकोण से जोड़ते हैं।

फैकल्टी ऑफ लिबरल आर्ट्स एंड मीडिया स्टडीज़ की डीन प्रो. (डॉ.) अनुराधा शर्मा ने कहा कि यह सम्मेलन मानवीकी, मीडिया अध्ययन और तकनीकी क्षेत्रों के बीच सेतु का कार्य करेगा। ऐसे अकादमिक आयोजन विद्यार्थियों और शोधार्थियों को बहुआयामी सोच विकसित करने, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संवाद स्थापित करने और अकादमिक विस्तार की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करते हैं।

आयोजकों के अनुसार सम्मेलन में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, यूक्रेन, पोलैंड सहित कई देशों के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों और विशेषज्ञों की भागीदारी प्रस्तावित है। शोधार्थियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों को अपने शोधपत्र प्रस्तुत करने तथा अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों से प्रत्यक्ष संवाद का अवसर मिलेगा। सम्मेलन के लिए शोध-सार (एब्सट्रैक्ट) जमा करने की अंतिम तिथि 7 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है, जबकि 27 जनवरी 2026 तक पूर्ण शोध पत्र आमंत्रित किए गए हैं। आवश्यकता अनुसार प्रतिभागियों के लिए आवास की व्यवस्था भी की जाएगी।

Share post:

Subscribe

spot_img

Popular

More like this
Related

एनआईआईटी फाउंडेशन के एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम के तहत 50 से ज़्यादा उद्यम शुरू किए गए

नई दिल्ली, अक्टूबर, 2026: एनआईआईटी फाउंडेशन की चेंजमेकर एकेडमी...

उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने उत्तराखंड में खोली नई शाखा

उत्तराखंड में बैंक की शाखाओं का विस्तार होने से...