जे.सी.बोस विश्वविद्यालय के एनसीसी कैडेट उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित

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एनसीसी कैडेट दीपिका और रचित कर्दम ने गणतंत्र दिवस शिविर 2026 में की थी भागीदारी

फरीदाबाद : 17 फरवरी। जे.सी.बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के दो उत्कृष्ट एनसीसी कैडेटों दीपिका (आर्मी विंग) और रचित कर्दम (नेवल विंग) को कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार द्वारा सम्मानित किया गया है। यह सम्मान नई दिल्ली में आयोजित प्रतिष्ठित गणतंत्र दिवस शिविर (आरडीसी) 2026 में उनके उत्कृष्ट भागीदारी के लिए दिया गया है।

पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश एवं चंडीगढ़ निदेशालय का प्रतिनिधित्व करते हुए, इन कैडेटों ने राष्ट्रीय मंच पर असाधारण अनुशासन और प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उन्होंने 26 जनवरी 2026 को ऐतिहासिक गणतंत्र दिवस परेड, 28 जनवरी 2026 को प्रधानमंत्री रैली, तथा 04 फरवरी 2026 को हरियाणा राज भवन में आयोजित एट होम फंक्शन में भाग लिया।

शिविर के दौरान, दोनों कैडेटों को भारत के प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री, रक्षा सचिव, सेना, नौसेना एवं वायुसेना प्रमुखों, हरियाणा के राज्यपाल तथा अन्य प्रमुख हस्तियों से मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन की मान्यता में, सीनियर अंडर ऑफिसर दीपिका (आर्मी विंग) तथा लीडिंग कैडेट रचित कार्डम (नेवल विंग) को कई उपलब्धि प्रमाण-पत्र एवं प्रशंसा पत्र प्राप्त हुए। साथ ही, हरियाणा के राज्यपाल से प्रत्येक को 21,000 रुपये तथा निदेशालय के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) से प्रत्येक को 4,000 रुपये की नकद पुरस्कार राशि प्रदान की गई।

कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार ने कहा कि यह उल्लेखनीय उपलब्धि हमारे कैडेटों तथा एनसीसी इकाइयों की समर्पण और उत्कृष्टता को प्रतिबिंबित करती है। उन्होंने दोनों कैडेटों के समर्पण की सराहना की और उन्हें बधाई दी।

रोहतक ग्रुप मुख्यालय के ग्रुप कमांडर तथा फरीदाबाद के 1 हरियाणा नेवल यूनिट तथा गुरुग्राम के 05 हरियाणा बटालियन के कमांडिंग ऑफिसरों ने भी कैडेटों को बधाई दी है।

आर्मी विंग के एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर लेफ्टिनेंट (डॉ.) महेश चंद तथा नेवी विंग के एसएलटी. (डॉ.) कृष्ण कुमार ने कैडेटों की उल्लेखनीय अनुशासन, नेतृत्व, ड्रिल कौशल तथा कठिन तैयारी शिविरों से विकसित सहनशक्ति की प्रशंसा की।एनसीसी केंद्र के प्रभारी डॉ. ओ. पी. मिश्रा ने कैडेटों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) की वास्तविक भावना को दर्शाती है तथा विश्वविद्यालय को गौरवान्वित करती है।

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