सेमिनार में विभिन्न आरडब्ल्यूए के प्रतिनिधि हुए शामिल, डॉ. रोहित गुप्ता ने बताए स्ट्रोक के शुरुआती लक्षण
फरीदाबाद।(ANURAG SHARMA) विश्व स्ट्रोक दिवस के अवसर पर एकॉर्ड सुपरस्पेशलिटी अस्पताल की ओर से स्ट्रोक के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें विभिन्न आरडब्ल्यूए के प्रतिनिधियों, आसपास की सोसाइटियों के सदस्यों और सामुदायिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। अस्पताल के न्यूरोलॉजी विभाग के चेयरमैन डॉ. रोहित गुप्ता ने लोगों को स्ट्रोक के शुरुआती लक्षण पहचानने और समय पर उपचार कराने के प्रति जागरूक किया।
कार्यक्रम के दौरान अस्पताल की नर्सिंग टीम ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से स्ट्रोक के लक्षणों और समय पर चिकित्सा सहायता लेने का संदेश दिया। इसके साथ ही इंटरैक्टिव ब्रेन क्विज का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। क्विज के माध्यम से लोगों को मस्तिष्क के स्वास्थ्य और स्ट्रोक से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।
डॉ. रोहित गुप्ता ने बताया कि स्ट्रोक एक गंभीर चिकित्सकीय आपात स्थिति है। इसमें मस्तिष्क तक रक्त की आपूर्ति बाधित होने या रक्त वाहिका फटने से दिमाग की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचता है। चेहरे का एक तरफ झुकना, हाथ-पैर में अचानक कमजोरी आना, बोलने में परेशानी होना और अचानक दृष्टि प्रभावित होना स्ट्रोक के प्रमुख लक्षण हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर मरीज को बिना देरी किए अस्पताल पहुंचाना चाहिए। शुरुआती समय में उपचार मिलने से मरीज की जान बचाने और स्थायी विकलांगता का खतरा कम करने में मदद मिल सकती है।
इस अवसर पर अस्पताल ने ‘जीवनरेखा’ नाम से 24 घंटे संचालित स्ट्रोक हेल्पलाइन की शुरुआत की। इसका उद्देश्य स्ट्रोक के लक्षण दिखाई देने पर मरीजों और उनके परिजनों को तत्काल चिकित्सा सहायता से जोड़ना है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, इस पहल से आपात स्थिति में मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
जीवनरेखा 24×7 स्ट्रोक हेल्पलाइन: 96670 69999
अस्पताल की ओर से लोगों से अपील की गई कि स्ट्रोक के लक्षणों को नजरअंदाज न करें। समय पर पहचान और उपचार से अनमोल जीवन बचाया जा सकता है।


