फ़रीदाबाद: (अनुराग शर्मा) सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला राजस्थानी हस्तशिल्प की चमक से हमेशा जगमगाता रहता है। इसी मेला के स्टॉल नंबर 519 पर बीकानेर, राजस्थान के मांगीलाल पिछले 10 सालों से अपनी पुश्तैनी कला बिखेर रहे हैं। यह उनका तीसरी पीढ़ी का पारिवारिक धंधा है, जहां सूट के कपड़े, दुपट्टे, साड़ियां, एप्लिक वर्क और मॉडल सिल्क फैब्रिक की खास रेंज मशहूर है।मांगीलाल गर्व से कहते हैं, “हमारा परिवार तीन पीढ़ियों से इसी कारीगरी में लगा है। बीकानेर की मिट्टी से निकला यह फैब्रिक मेले में सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है।” उनकी दुकान पर चटख रंगों और बारीक काम वाले सामान देखकर ग्राहक ठहर ही जाते हैं। 10 सालों में यह स्टॉल मेले का अभिन्न अंग बन चुका है।सूरजकुंड मेला ऐसी पारिवारिक कहानियों से समृद्ध है, जो परंपरा को आधुनिक बाजार से जोड़ रही हैं।
यह कहानी सूरजकुंड मेले की आत्मा को दर्शाती है—जहां छोटे कारीगर बड़े सपनों को बुनते हैं। मांगीलाल जैसे व्यापारी मेले को जीवंत बनाते हैं, जो न केवल व्यापार बल्कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान का प्रतीक है।
सूरजकुंड मेले के स्टॉल 519 पर बीकानेर के मांगीलाल का जादुई फैब्रिक साम्राज्य 20 साल से सूरजकुंड मेले की शान
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