विश्व पार्किंसंस दिवस

Date:

युवाओं में बढ़ रही पार्किंसंस बीमारी, समय पर इलाज जरूरी: डॉ. रोहित गुप्ता

फरीदाबाद। विश्व पार्किंसंस दिवस के अवसर पर ग्रेटर फरीदाबाद सेक्टर-86 स्थित एकॉर्ड अस्पताल में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान लोगों को पार्किंसंस रोग के लक्षण, कारण और समय पर इलाज के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।
अस्पताल के न्यूरोलॉजी विभाग के चेयरमैन डॉ. रोहित गुप्ता ने बताया कि पार्किंसंस बीमारी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और अब यह केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रही। युवाओं में भी इसके लक्षण देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाथ, पैर या शरीर के किसी हिस्से में कंपन को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह इस बीमारी का शुरुआती संकेत हो सकता है।
डॉ. गुप्ता ने एक मरीज का उदाहरण देते हुए बताया कि पलवल निवासी 36 वर्षीय युवक को शुरुआत में लक्षणों को नजरअंदाज करना भारी पड़ा। बाद में जांच में पार्किंसंस की पुष्टि हुई, जिससे उसके करियर और मानसिक स्थिति पर गहरा असर पड़ा।
उन्होंने बताया कि यह एक न्यूरोलॉजिकल बीमारी है, जिसमें दिमाग में डोपामाइन का स्तर कम होने लगता है। इसके मुख्य लक्षणों में शरीर में कंपकंपी, मांसपेशियों में जकड़न, गतिविधियों में धीमापन और संतुलन बिगड़ना शामिल है। शुरुआती दौर में लक्षण हल्के होते हैं, जिससे लोग अक्सर इसे नजरअंदाज कर देते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, करीब 10 प्रतिशत मामलों में यह बीमारी युवाओं में देखने को मिल रही है। कुछ मामलों में इसके लक्षण 30 वर्ष की उम्र या उससे पहले भी सामने आ रहे हैं।
डॉ. गुप्ता ने कहा कि इस बीमारी की कोई निश्चित जांच नहीं है और डॉक्टर लक्षणों के आधार पर ही इसका निदान करते हैं। समय पर पहचान और उपचार से मरीज सामान्य जीवन जी सकता है, इसलिए किसी भी लक्षण को हल्के में न लें और तुरंत विशेषज्ञ से परामर्श करें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_img

Popular

More like this
Related

विद्यासागर इंटरनेशनल स्कूल, घरौड़ा ब्रांच में हवन यज्ञ के साथ मनाया गया 16वां इनॉगरेशन डे

घरौड़ा स्थित विद्यासागर इंटरनेशनल स्कूल ब्रांच में 16वां इनॉगरेशन...