फरीदाबाद। आज जिला बार एसोसिएशन, फरीदाबाद के प्रधान राजेश बैसला व महासचिव टीका डागर व अन्य कार्यकारिणी ने न्यायालय के कार्य से हड़ताल पर रहने का निर्णय लिया गया। इस निर्णय के तहत सुबह से ही सभी अधिवक्तागण न्यायिक कार्य से दूर रहे। किसी भी अधिवक्ता ने किसी भी न्यायालय की कार्यवाही में भाग नहीं लिया, जिसके कारण सभी न्यायालयों में कार्य पूरी तरह ठप रहा।
अधिवक्तागण अधिवक्ता ज्ञानेंद्र खटाना एवं उनकी पत्नी डॉ. भूमिका के विरुद्ध थाना तिगांव में दर्ज की गई एफ.आई.आर. को लेकर अत्यंत नाराज़ हैं तथा पुलिस की कार्यवाही से रोष में हैं। अधिवक्ताओं की मांग है कि अधिवक्ता ज्ञानेंद्र खटाना एवं उनकी पत्नी डॉ. भूमिका को उक्त मुकदमे से अलग किया जाए।
हड़ताल के दौरान अधिवक्ताओं ने पुलिस प्रशासन एवं इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ एंड रिसर्च कॉलेज के निदेशक रवि हांडा के विरोध में जमकर नारेबाज़ी की तथा मुकदमे से नाम हटाने की मांग की। अधिवक्ताओं का आरोप है कि पुलिस प्रशासन रवि हांडा के इशारों पर कार्य कर रहा है।
अधिवक्ताओं का यह भी कहना है कि शिकायतकर्ता द्वारा रवि हांडा के निर्देश पर अधिवक्ता ज्ञानेंद्र खटाना एवं उनकी पत्नी डॉ. भूमिका का नाम झूठे रूप से एफ.आई.आर. में दर्ज कराया गया है, जबकि अधिवक्ता ज्ञानेंद्र खटाना, रवि हांडा की बेटी द्वारा दायर किए गए एक मामले में उनके दामाद के अधिवक्ता हैं।
अधिवक्तागण पूरे दिन पुलिस प्रशासन के विरुद्ध नारेबाज़ी करते रहे। इस मौके पर सतेंद्र भड़ाना, शिवदत्त वशिष्ठ, आर.एस. नगर, अनिल पराशर, नकुल छपराना, मनोज पंडित, प्रदीप शांडिल्य, सतेंद्र रावत, प्रेम भारद्वाज, मनोज शर्मा, अवधेश शर्मा, ए.के. सिंह, संजय दीक्षित, शरद गौतम, भारत पुजारी, कमल झा, अर्जुन वशिष्ठ, कुलदीप चंदिला, ललिता यादव, राजेश भाटी, अमित भाटी सहित सैकड़ों अधिवक्ता मौजूद रहे।



