डॉ. अशोक ने कहा कि प्रतिबंधित नशा रखना बेचना खाना और तस्करी करना प्रतिबंधित

फरीदाबाद। हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कण्ट्रोल ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री ओ.पी. सिंह साहब के दिशानिर्देशों, पुलिस उप महानिरीक्षक श्री सिमरदीप सिंह के मार्गदर्शन एवं पुलिस अधीक्षक सुश्री नीतिका गहलोत भापुसे एवं पुलिस अधीक्षक सुश्री पंखुरी कुमार के आदेशानुसार हरियाणा के सभी ज़िलों में नशे के विरुद्ध जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। ब्यूरो के जागरूकता कार्यक्रम एवं पुनर्वास प्रभारी उप निरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा निरंतर इस कार्य में जुटे हुए हैं। इस श्रृंखला में रेलवे स्टेशन ओल्ड फरीदाबाद में उपस्थित लोगों को नशे के विरुद्ध जागरूक किया गया। ब्यूरो के जागरूकता कार्यक्रम एवं पुनर्वास प्रभारी/उप निरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित करते हुए कहा कि हम सभी चाहते हैं कि हमारे बच्चे नशे से दूर रहे। कुछ व्यक्ति जो स्वयं नशा करते हैं वे भी नहीं चाहते कि उनके बच्चे नशा न करें लेकिन नशा परोसने वाले व्यक्ति यह कदापि नहीं सोचते कि दूसरे के बच्चे भी हमारे बच्चों जैसे हैं। प्रत्येक माता पिता का कर्तव्य बनता है कि वे अपने बच्चों के साथ मित्रवत व्यवहार करें क्योंकि कई बार बच्चों को समय न देने के कारण वे कुसंग में पड़ जाते हैं। माता पिता को चाहिए कि वे अपने बच्चों के शयनकक्ष का समय समय पर निरीक्षण करते रहे ताकि बच्चों के पास कोई आपत्तिजनक वास्तु मिलने पर उसे प्यार से समझाया जा सके। उन्होंने आगे कहा कि आज एक और नशे के कारण सबसे अधिक पीड़ित नारी शक्ति है तो दूसरी और वही नारी शक्ति न केवल नशे के व्यापार में सहभागिता करती है अपितु स्वयं भी नशे के सेवन में पीछे नहीं है। यह अति चिंता का विषय है। उन्होंने आगे कहा कि एक प्रकाशित लेख के अनुसार पंजाब के अंदर पकडे गए नशा तस्करों में 33 प्रतिशत महिलाएं संलिप्त थी। उन्होंने कहा विधि अनुसार भारत में कोई भी व्यक्ति अफीम, भांग, गांजा, चरस, हेरोइन, स्मैक, चिट्टा, एलएसडी, नशीली गोलियां, नशीले टीके आदि न अपने पास रखेगा। न सेवन करेगा। न खरीदेगा और न बेचेगा। उन्होंने वार्तालाप के माध्यम से एकत्रित लोगों को बताया कि हरियाणा में नारकोटिक्स कन्ट्रोल ब्यूरो का गठन हो चुका है। इस ब्यूरो का एकमात्र उद्देश्य हरियाणा प्रान्त को नशा मुक्त करना है। इसके लिए ब्यूरो और हरियाणा पुलिस नशे की तस्करी में संलिप्त अपराधियों को प्रतिदिन सलाखों के पीछे भेजने का कार्य कर रही है। इतना ही नहीं नशे में ग्रस्त हो चुके लोगों का निशुल्क उपचार कराया जाता है। प्रत्येक ज़िले के सरकारी अस्पताल में नशा मुक्ति केंद्र चल रहे हैं। डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने विस्तार पूर्वक नशे के प्रवेश और निगमन बारे लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति यह नहीं चाहता कि उसकी संतान किसी भी प्रकार का नशा करे लेकिन नशे के तस्कर युवाओं को नशे का आदि बना रहे हैं। प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह ऐसे दुष्ट लोगों की गुप्त सूचनाएं 9050891508 पर देकर पुलिस का सहयोग करे। उन्होंने कहा गुप्त सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम पूर्ण रूप से गुप्त रहेगा।

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