None selected
तिगांव विधानसभा क्षेत्र के पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी रोहित नागर का बिजली कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला
फरीदाबाद, 23 अक्तूबर। (ANURAG SHARMA)तिगांव विधानसभा क्षेत्र के पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी रोहित नागर ने हरियाणा में बिजली वितरण के निजीकरण और बिजली आपूर्ति संकट को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होनें बिजली कर्मचारियों की हड़ताल कको लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार की गलत नीतियों और हठधर्मिता का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। रोहित नागर ने कहा कि गुरुग्राम और नूंह में प्राईवेट कंपनी इलेवन पावर को बिजली वितरण का समानांतर लाइसेंस देने का फैसला हो जाता है और सरकार कहती है कि वह इसके खिलाफ अपील करेगी। आखिर सरकार बताए कि वह किसके खिलाफ अपील करेगी? जब उसकी अपनी नीतियों के तहत निजीकरण का रास्ता खुला है तो अब जिम्मेदारी से बचने का प्रयास क्यों किया जा रहा है? भाजपा सरकार को इस पूरे मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बिजली जैसी आवश्यक सेवा को मुनाफे का साधन बनाने के बजाय जनकल्याण की जिम्मेदारी मानती है। सुधार के नाम पर सरकारी बिजली निगमों को कमजोर करना उचित नहीं है। सरकार बताए कि निजीकरण से बिजली दरों, किसानों की रियायतों और गरीब उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा कैसे होगी।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता रोहित नागर ने कहा कि बिजली जैसी मूलभूत सुविधा को लेकर प्रदेश की जनता को परेशानी का सामना करना पडऩा सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। भाजपा सरकार केवल बड़े-बड़े दावे करने में लगी है, जबकि जमीनी स्तर पर आम आदमी, किसान, व्यापारी और छोटे उद्योगों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि बिजली कर्मचारियों की समस्याओं को बातचीत और आपसी सहमति से सुलझाने के बजाय टकराव का रास्ता अपनाना किसी भी सरकार के हित में नहीं है। सरकार को कर्मचारियों की जायज मांगों को गंभीरता से सुनना चाहिए और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए जल्द से जल्द समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार प्राईवेटाईजेशन को बढ़वा दे रही है। बिजली प्राईवेट होने पर बिजली मंहगी हो जाएगी और किसानों को दी जाने वाली सबसीडी भी खत्म कर दी जाएगी। इससे आम जनता को बडा नुकसान होगा। सरकार युवाओं को रोजगार तो दे नहीं रहीर उल्टे रोजगार छीनने में लगी है।
रोहित नागर ने कहा कि बिजली आपूर्ति बाधित होने से घरेलू कामकाज से लेकर व्यापार, खेती और उद्योगों तक पर असर पड़ रहा है। बिना बिजली के लोगों का बुरा हॉल है लेकिन,ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह जनता को राहत दे, कर्मचारियों का विश्वास जीते और बिजली व्यवस्था को सुचारु बनाए।
उन्होंने कहा, भाजपा सरकार को सत्ता के अहंकार से बाहर निकलकर जनता और कर्मचारियों की आवाज सुननी चाहिए। सरकारें जनता की सेवा के लिए होती हैं, जनता को परेशान करने के लिए नहीं। बिजली संकट का समाधान बयानबाजी से नहीं, बल्कि ठोस फैसलों और जिम्मेदार कार्यशैली से होगा। रोहित नागर ने मांग की कि सरकार बिजली कर्मचारियों के साथ तत्काल वार्ता करे, उनकी जायज समस्याओं का समाधान निकाले और प्रदेश में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करे, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
उन्होंने कहा कि जनहित सर्वोपरि है और जनता की परेशानियों के प्रति जवाबदेही से सरकार बच नहीं सकती। उन्होंने कहा कि जो सरकार अपनी नीतियों और फैसलों की जिम्मेदारी नहीं ले सकती, उसे सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। जनता को बिजली चाहिए, भाजपा सरकार की निजीकरण नीति का अंधेरा नहीं।


