– सुप्रीम कोर्ट के निर्देश एनसीआर में एनईईआरआई से प्रमाणित हरित पटाखों की ही तय समय में हो सकेगी बिक्री
– निर्धारित अवधि के दौरान सुबह 6 बजे से 7 बजे तक और रात 8 बजे से रात 10 बजे तक ही उपयोग कर सकेंगे हरित पटाखे
– अस्पतालों, नर्सिंग होम, शिक्षण संस्थानों और अन्य साइलेंस जोन के 300 मीटर के दायरे में पटाखे चलाने पर रहेगा प्रतिबंध
– उपायुक्त ने सभी नागरिकों और अधिकारियों व कर्मचारियों को दी दीपावली के पावन पर्व की शुभकामनाएं, इको फ्रेंडली दीपावली मनाने का किया आह्वान
फरीदाबाद, 3 नवंबर।
सुप्रीम कोर्ट के सख्त दिशा-निर्देशों के साथ एनसीआर क्षेत्र जिसमें फरीदाबाद जिला भी शामिल है, में दीपावली के पावन पर्व के उपलक्ष्य में केवल ग्रीन पटाखों की बिक्री और चलाने की अनुमति प्रदान की गई है। जिलाधीश एवं जिला उपायुक्त आयुष सिन्हा ने जानकारी देते हुए बताया कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार नीरी (एनईईआरआई) की वेबसाइट से प्रमाणित हरित पटाखों की बिक्री 7 और 8 नवंबर तक ही की जा सकेगी। इसकी निगरानी के लिए जिला और खण्ड स्तर पर टीम भी गठित की गई है। उन्होंने बताया कि अस्पतालों, नर्सिंग होम, प्राथमिक एवं जिला स्वास्थ्य केंद्रों, वृद्धाश्रमों तथा अधिसूचित साइलेंस जोन के 300 मीटर के दायरे में पटाखे चलाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यही प्रतिबंध शिक्षण संस्थानों पर भी लागू होगा। उन्होंने कहा कि इन निर्देशों का उद्देश्य बीमारियों से पीड़ित लोगों, बुजुर्गों, बच्चों और अन्य संवेदनशील नागरिकों को ध्वनि एवं वायु प्रदूषण से होने वाली परेशानी से बचाना है।
उपायुक्त आयुष सिन्हा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार इन उत्पादों की बिक्री पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में केवल निर्दिष्ट स्थानों पर ही की जा सकेगी, जिन्हें जिला कलेक्टर/आयुक्त द्वारा पुलिस अधीक्षक के परामर्श से चिन्हित किया जाएगा और व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। पुलिस अधिकारी, जिला प्रशासन के परामर्श से बिक्री के निर्दिष्ट स्थानों पर निगरानी रखने के लिए गश्ती दल गठित करेंगे, जिनमें राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों के क्षेत्रीय कार्यालयों से नामित अधिकारी भी शामिल होंगे। यह गठित दल नीरी की वेबसाइट पर अपलोड किए गए हरित पटाखा उत्पादों और दिए गए पंजीकरणों के साथ व्यक्तिगत निर्माताओं को जारी किए गए क्यूआर कोड की जांच करेगी। यह निर्धारित स्थानों पर नियमित रूप से जांच कर यह सुनिश्चित करेगी कि केवल अनुमति वाले स्थानों पर क्यूआर कोड के साथ उत्पाद ही बेचे जाएं। टीम द्वारा जांच के लिए इन पटाखा उत्पादों के नमूने भी लेंगे, जिन्हें पीईएसओ को भेजा जाएगा। उल्लंघन पाए जाने पर, प्रतिबंधित उत्पादों के निर्माण या बिक्री में शामिल लोगों की जिम्मेदारी होगी, जिन्हें न केवल दंडित किया जाएगा, बल्कि पीईएसओ या नीरी से उनका लाइसेंस/पंजीकरण भी रद्द कर दिया जाएगा।
उपायुक्त आयुष सिन्हा ने बताया कि जिला प्रशासन और पुलिस यह सुनिश्चित करेंगे कि पटाखों का उपयोग दिवाली से एक दिन पहले और दिवाली के दिन सुबह 6 बजे से 7 बजे तक और रात 8 बजे से रात 10 बजे तक ही सीमित रहे। नीरी द्वारा प्रमाणित हरित पटाखों की बिक्री केवल पीईएसओ से लाइसेंस प्राप्त व्यापारियों के माध्यम से ही की जाएगी। ऐसे पटाखे जो पंजीकृत/लाइसेंस प्राप्त निर्माताओं द्वारा निर्मित नहीं है, उन्हें तुरंत जब्त कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार एनसीआर में बेरियम युक्त पटाखों और नीरी द्वारा ग्रीन पटाखे के रूप में अनुमोदित नहीं किए गए पटाखों के उपयोग की अनुमति नहीं होगी और यदि ये बिक्री के लिए या किसी व्यक्ति/व्यापारी के कब्जे में पाए जाते हैं, तो उन्हें तुरंत जब्त कर लिया जाएगा। इसके अलावा लड़ी पटाखों का निर्माण या बिक्री प्रतिबंधित की गई। इसके अलावा ई-कॉमर्स नेटवर्क के माध्यम से पटाखों की बिक्री या खरीद नहीं की जाएगी और ऐसे उत्पादों की किसी भी आपूर्ति को रोक लिया जाएगा और उत्पाद को जब्त कर लिया जाएगा। प्रतिबंध लागू होने के बाद समाप्त या रद्द किए गए व्यापारियों के लाइसेंस को वैधानिक अधिकारियों द्वारा निर्धारित अवधि के लिए नवीनीकृत किया जाएगा।
उन्होंने सभी नागरिकों और अधिकारियों व कर्मचारियों को दीपावली के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए मंगलमय कामना की और इको फ्रेंडली दीपावली मनाने का आह्वान किया।


