फ़रीदाबाद (ANURAG SHARMA) एक तरफ फरीदाबाद को ‘स्मार्ट सिटी’ और ‘पेरिस’ बनाने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। सेक्टर 29 ओल्ड फ़रीदाबाद के कम्युनिटी सेंटर के ठीक बगल में मुख्य सड़क पर कचरों का एक विशाल पहाड़ खड़ा हो गया है। हैरान करने वाली बात यह है कि इस गंदगी के ढेर से चंद कदमों की दूरी पर ही इलाके का नामी होली चाइल्ड पब्लिक स्कूल भी स्थित है, जहाँ रोजाना सैकड़ों मासूम बच्चे शिक्षा ग्रहण करने आते हैं।
नेताओं के दावे हवा-हवाई, स्वच्छ भारत अभियान को लगा पलीता
सरकार द्वारा स्वच्छ भारत अभियान के नाम पर हर साल करोड़ों रुपयों का बजट पानी की तरह बहाया जाता है। जनता को जागरूक करने के लिए लंबे-चौड़े विज्ञापन दिए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इसकी दशा बेहद दयनीय है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहाँ कोई भी राहगीर या बाहरी व्यक्ति आता है और सरेआम कचरा फेंक कर चला जाता है। कचरे की सड़न और बदबू के कारण यहाँ से गुजरना भी दूभर हो चुका है, जिससे गंभीर बीमारियों के फैलने का खतरा चौबीसों घंटे बना रहता है।
दो-दो आरडब्ल्यूए (RWA) प्रधान, फिर भी व्यवस्था लाचार!
स्थानीय निवासियों में इस बात को लेकर भारी रोष है कि सेक्टर 29 में दो-दो आरडब्ल्यूए (Resident Welfare Association) प्रधान होने के बावजूद इस गंभीर समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जब जिम्मेदार लोग ही आंखें मूंदकर बैठे हों, तो इलाके की सुध कौन लेगा? चुनावी मौसम में फरीदाबाद को पेरिस बनाने का सपना दिखाने वाले नेता और प्रशासनिक अधिकारी इस बदहाली पर पूरी तरह मौन साधे हुए हैं। जनता अब यह सवाल पूछ रही है कि क्या इसी तरह कचरों के ढेर पर खड़े होकर फरीदाबाद ‘पेरिस’ बनेगा?


